UPSC प्रीलिम्स 2027 प्रोग्राम : द्रोणाचार्य 3.0

UPSC प्रीलिम्स 2027 प्रोग्राम : द्रोणाचार्य 3.0

Batch Starts: 2026-12-07
Course Fee:Contact UsOffer Price:-

UPSC प्रीलिम्स 2027 प्रोग्राम : द्रोणाचार्य 3.0

UPSC CSE PRELIMS 2027 · हिंदी माध्यम

द्रोणाचार्य 3.0
हर दिन एक लक्ष्य।
हर टेस्ट से सुधार।

UPSC Prelims 2027 की तैयारी को दें एक स्पष्ट दिशा — दैनिक अध्ययन, UPSC-आधारित प्रश्न अभ्यास और व्यक्तिगत मेंटरशिप के साथ।

The Study IAS का द्रोणाचार्य 3.0 हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों के लिए एक संरचित Prelims Mentorship Program है। इसमें दैनिक अकादमिक सत्र, निर्धारित अध्ययन लक्ष्य, प्रतिदिन 10 अभ्यास प्रश्न, नियमित टेस्ट और डिस्कशन, विशेष PYQ-आधारित टेस्ट, GS-CSAT तथा व्यक्तिगत मार्गदर्शन को एक साथ जोड़ा गया है।

हिंदी माध्यम Daily Practice PYQ-Themed Tests Personal Mentorship
BEYOND CONVENTIONAL TESTING

सिर्फ टेस्ट देना पर्याप्त नहीं। गलतियों को सुधारना भी ज़रूरी है।

UPSC प्रीलिम्स की तैयारी में चुनौती केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि सही समय पर रिवीजन करना, प्रश्नों को समझना और कमजोरियों को दूर करना है। द्रोणाचार्य में दैनिक तैयारी, प्रतिदिन 10 अभ्यास प्रश्न, टेस्ट डिस्कशन और व्यक्तिगत मेंटरशिप को इसी सुधार प्रक्रिया से जोड़ा गया है।

WHY DRONACHARYA 3.0

आपकी प्रीलिम्स तैयारी के चार मजबूत आधार

एक ऐसी अकादमिक व्यवस्था जो अध्ययन, नियमित अभ्यास और प्रदर्शन सुधार को साथ लेकर चलती है।

01

दैनिक लक्ष्य और निरंतर अभ्यास

निर्धारित अध्ययन लक्ष्य, नियमित अकादमिक सत्र, दैनिक टेस्ट और डिस्कशन के साथ हर दिन 10 अभ्यास प्रश्न — ताकि तैयारी निरंतर और व्यवस्थित बनी रहे।

02

UPSC PYQs पर आधारित तैयारी

1995–2026 के UPSC प्रश्नों पर आधारित ACE Topic Mapping, विशेष PYQ-Themed Tests और प्रश्नों की प्रवृत्ति पर केंद्रित अकादमिक चर्चा।

03

व्यक्तिगत मेंटरशिप

कमजोर विषयों, टेस्ट में होने वाली गलतियों और अध्ययन की चुनौतियों को पहचानकर आवश्यक अकादमिक मार्गदर्शन।

04

GS, Current Affairs और CSAT

मणिकांत सर की GS Manthan कक्षाएँ, स्टैटिक-करंट अफेयर्स इंटरलिंकिंग, CSAT अभ्यास और लाइव MCQ सॉल्विंग सेशन।

HINDI BATCH · ADMISSIONS

UPSC Prelims 2027 की तैयारी को आज से एक दिशा दें।

हिंदी माध्यम बैच 7 दिसंबर 2026 से शुरू। ऑनलाइन और क्लासरूम-ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।

ऑनलाइन ₹8,850 18% GST सहित
ऑफलाइन ₹17,700 18% GST सहित

*उल्लिखित फीस प्रचारात्मक ऑफर पर आधारित हैं। नामांकन से पहले वर्तमान शुल्क, प्रवेश क्षमता एवं बैच संबंधी विवरण की पुष्टि करें।

Course Curriculum & Modules

DRONACHARYA 3.0 · HINDI CURRICULUM

UPSC Prelims 2027 के लिए एक संरचित अध्ययन, अभ्यास और रिवीजन चक्र

द्रोणाचार्य 3.0 का पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम के UPSC अभ्यर्थियों के लिए दैनिक अकादमिक तैयारी, PYQ विश्लेषण, GS, समसामयिकी, CSAT, टेस्ट डिस्कशन और व्यक्तिगत मेंटरशिप को जोड़ता है। उद्देश्य केवल विषयों को पढ़ना नहीं, बल्कि परीक्षा के अनुरूप ज्ञान का प्रयोग करना और अपनी कमजोरियों को व्यवस्थित रूप से सुधारना है।

अकादमिक संरचना
दैनिक अकादमिक चक्र सेशन, अध्ययन लक्ष्य, टेस्ट और डिस्कशन
10 विशेष PYQ टेस्ट विषयवार टेस्ट और उनके डिस्कशन
UPSC PYQs: 1995–2026 ACE Topic Mapping और प्रश्न प्रवृत्ति
GS और Current Affairs GS Manthan तथा स्टैटिक-समसामयिकी लिंकिंग
CSAT और Live MCQs परीक्षा-उन्मुख अभ्यास और प्रश्न समाधान
व्यक्तिगत मेंटरशिप कमजोरियों की पहचान और सुधार हेतु मार्गदर्शन
MODULE 01 · DAILY PREPARATION

दैनिक सत्र, अध्ययन लक्ष्य, टेस्ट और डिस्कशन

प्रतिदिन की तैयारी को व्यवस्थित रखने के लिए निश्चित अकादमिक गतिविधियों का एक चक्र तैयार किया गया है।

  • विषय-आधारित दैनिक अकादमिक सत्र और निर्धारित अध्ययन लक्ष्य।
  • नियमित टेस्ट के माध्यम से सीखे गए विषयों का अभ्यास।
  • टेस्ट डिस्कशन के माध्यम से सही उत्तर, संबंधित अवधारणा और प्रश्न के तर्क को समझना।
  • तैयारी के दौरान रिवीजन, कमजोर विषयों और अभ्यास की आवश्यकता पर ध्यान।
MODULE 02 · PYQ INTELLIGENCE

ACE Topic Mapping और UPSC PYQ विश्लेषण

UPSC के पिछले वर्षों के प्रश्नों के आधार पर महत्वपूर्ण विषयों, अवधारणाओं और पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति को समझना।

  • 1995 से 2026 तक के UPSC Prelims PYQs का संदर्भ।
  • ACE Topic Mapping द्वारा प्रश्नों और पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ना।
  • तथ्यात्मक, वैचारिक और अनुप्रयोग-आधारित प्रश्नों की पहचान।
  • PYQs के आधार पर अध्ययन और रिवीजन की प्राथमिकताओं को समझना।
MODULE 03 · SPECIAL TESTING

10 विशेष विषयवार PYQ-आधारित टेस्ट

कार्यक्रम में कुल 10 विशेष टॉपिक-वाइज PYQ-ओरिएंटेड टेस्ट शामिल हैं। प्रत्येक के साथ डिस्कशन रखा गया है ताकि अभ्यर्थी प्रश्नों की प्रकृति और संबंधित विषयों को बेहतर समझ सकें।

  • विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों से जुड़े विषयों पर केंद्रित अभ्यास।
  • प्रश्न हल करने के बाद उत्तरों और तर्क का विश्लेषण।
  • UPSC की प्रश्न-निर्माण शैली तथा महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा।
  • ये 10 विशेष टेस्ट नियमित दैनिक टेस्ट से अलग हैं।
MODULE 04 · UPSC EXAM ORIENTATION

UPSC पैटर्न के अनुरूप Prelims Test Series

2023 और 2026 की UPSC प्रारंभिक परीक्षाओं में दिखाई देने वाली प्रश्न प्रवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा-उन्मुख अभ्यास।

  • अवधारणाओं को लागू करके प्रश्न हल करने का अभ्यास।
  • अपरिचित तथ्यों और कथन-आधारित प्रश्नों को समझना।
  • विकल्पों के विश्लेषण और एलिमिनेशन की तार्किक प्रक्रिया पर ध्यान।
  • सटीकता, समय प्रबंधन और परीक्षा-उन्मुख निर्णय क्षमता विकसित करना।
MODULE 05 · CURRENT AFFAIRS

मणिकांत सर के GS Manthan और समसामयिकी

Current Affairs को अलग-अलग तथ्यों के संग्रह के रूप में नहीं, बल्कि स्थैतिक सामान्य अध्ययन से जुड़े विषयों के रूप में समझने पर जोर।

  • मणिकांत सर की GS Manthan कक्षाएँ और अकादमिक सामग्री।
  • समसामयिक घटनाओं और संबंधित GS अवधारणाओं की इंटरलिंकिंग।
  • समसामयिक विषयों की UPSC Prelims में प्रासंगिकता को समझना।
  • प्रश्नों में तथ्य और अवधारणा के संयुक्त उपयोग पर ध्यान।
MODULE 06 · CSAT PREPARATION

CSAT और Live MCQ Solving Sessions

UPSC Prelims के qualifying CSAT पेपर के लिए परीक्षा-केंद्रित अभ्यास और प्रश्न-समाधान की प्रक्रिया को समझना।

  • परीक्षा-उन्मुख CSAT कक्षाएँ।
  • प्रश्नों को सही तरीके से समझने और हल करने का अभ्यास।
  • लाइव MCQ सॉल्विंग सेशन।
  • नियमित प्रश्न-अभ्यास के माध्यम से आत्ममूल्यांकन।
MODULE 07 · FOCUSED GS COVERAGE

प्रारंभिक परीक्षा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विशेष अध्ययन

UPSC Prelims की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए चयनित विषयों और क्षेत्रों पर विशेष अकादमिक ध्यान।

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology)।
  • पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment & Ecology)।
  • केंद्रीय बजट (Union Budget) और आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey)।
  • भौगोलिक मानचित्रण (Mapping)।
  • अंतरराष्ट्रीय संबंध (International Relations)।
  • विषय विशेषज्ञों और मेंटर्स के संक्षिप्त वैल्यू-एडेड नोट्स।
MODULE 08 · PERSONAL MENTORSHIP

व्यक्तिगत अकादमिक सहायता और प्रदर्शन सुधार

प्रत्येक अभ्यर्थी के अध्ययन और टेस्ट प्रदर्शन से जुड़ी समस्याओं को समझते हुए आवश्यक मार्गदर्शन देने पर जोर।

  • कमजोर विषयों तथा बार-बार होने वाली गलतियों की पहचान।
  • संकल्पनात्मक और तथ्यात्मक कमजोरियों पर ध्यान।
  • अध्ययन, टेस्ट और रिवीजन के बीच बेहतर समन्वय के लिए मार्गदर्शन।
  • विशेष रूप से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों के लिए व्यक्तिगत अकादमिक सहायता।
CONTINUOUS ACADEMIC SUPPORT

पढ़ें। अभ्यास करें। विश्लेषण करें। सुधार करें।

द्रोणाचार्य का उद्देश्य एक ऐसा तैयारी चक्र बनाए रखना है जिसमें दैनिक अध्ययन, UPSC आधारित अभ्यास, टेस्ट डिस्कशन, समसामयिकी, CSAT और व्यक्तिगत मेंटरशिप मिलकर प्रारंभिक परीक्षा 2027 की तैयारी को अधिक व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनाएं।

Teaching Pedagogy & Approach

TEACHING PEDAGOGY · DRONACHARYA 3.0

तैयारी का वैज्ञानिक दृष्टिकोण: लक्ष्य से प्रदर्शन सुधार तक

UPSC Prelims 2027 की तैयारी में केवल अध्ययन सामग्री की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। यह भी महत्वपूर्ण है कि अभ्यर्थी क्या पढ़ रहा है, किन प्रश्नों में गलती कर रहा है, किन अवधारणाओं पर दोबारा काम करना है और अगले टेस्ट से पहले किस प्रकार रिवीजन करना है।

द्रोणाचार्य 3.0 की शिक्षण पद्धति दैनिक अनुशासन, PYQ-आधारित समझ, नियमित अभ्यास और व्यक्तिगत मार्गदर्शन पर आधारित है।

01

लक्ष्य निर्धारित करें

दैनिक अध्ययन लक्ष्य, विषयगत प्राथमिकताएँ और निर्धारित अकादमिक सत्र।

02

टेस्ट और अभ्यास

नियमित टेस्ट, PYQ-उन्मुख प्रश्न और UPSC पैटर्न पर आधारित अभ्यास।

03

विश्लेषण और मार्गदर्शन

टेस्ट डिस्कशन, कमजोरियों की पहचान और मेंटर से अकादमिक सहायता।

04

रिवीजन और सुधार

गलतियों के कारणों पर काम करें और अगली अभ्यास प्रक्रिया में सुधार लागू करें।

ACADEMIC METHODOLOGY

द्रोणाचार्य की शिक्षण पद्धति के प्रमुख घटक

01 · ACE TOPIC MAPPING

PYQs से परीक्षा की मांग समझना

UPSC के विगत वर्षों के प्रश्नों से परीक्षा-संबंधी विषयों, अवधारणाओं और प्रश्नों की प्रकृति की पहचान करके तैयारी को प्रासंगिक दिशा देना।

02 · DAILY ACCOUNTABILITY

दैनिक अध्ययन और अभ्यास में निरंतरता

निर्धारित लक्ष्य, अकादमिक सेशन, टेस्ट तथा डिस्कशन के माध्यम से पढ़ाई को नियमित अभ्यास से जोड़ना।

03 · EXAM-ORIENTED THINKING

प्रश्न हल करने की समझ

कथन-आधारित प्रश्नों, अपरिचित तथ्यों, वैचारिक प्रश्नों और एलिमिनेशन की प्रक्रिया को परीक्षा के संदर्भ में समझना।

04 · PERSONAL GUIDANCE

व्यक्तिगत कमजोरियों पर ध्यान

अभ्यर्थियों की कठिनाइयों को पहचानकर उन्हें संबंधित विषयों, अध्ययन पद्धति और अभ्यास संबंधी मार्गदर्शन देना।

05 · STATIC + CURRENT AFFAIRS

समसामयिकी और स्थैतिक GS का समन्वय

GS Manthan और समसामयिक विषयों के माध्यम से वर्तमान घटनाओं को इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था, भूगोल तथा अन्य GS विषयों की अवधारणाओं से जोड़ना।

06 · BALANCED PRELIMS PREPARATION

GS और CSAT की संयुक्त तैयारी

GS के साथ CSAT और लाइव MCQ अभ्यास को शामिल करना ताकि अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों पर ध्यान दे सकें।

द्रोणाचार्य 3.0: तैयारी की दिशा और सुधार की प्रक्रिया

प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण प्रश्न केवल यह नहीं है कि आपने कितना पढ़ा, बल्कि यह भी है कि आपने कितना समझा, कितने प्रश्नों को सही तर्क के साथ हल किया और अपनी गलतियों से क्या सीखा। द्रोणाचार्य इसी प्रक्रिया को दैनिक अध्ययन और व्यक्तिगत मेंटरशिप से जोड़ता है।

Course Features

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